14 अगस्त 2011 - 19:30

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन ने सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की धमकी दी है।

ब्रिटेन में हिंसा जारी, कड़ी कार्यवाही की धमकीप्रधानमंत्री डेविड कैमरुन अपनी ही जनता को कह रहे हैं चोर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन ने सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की धमकी दी है। उन्होंने समाचार पत्र सन्डे टेलीग्राफ़ के साथ साक्षात्कार में उन लोगों को अपराधी, चोर और उपद्रवी कहा जो लंदन सहित दूसरे नगरों में होने वाले प्रदर्शनों व हिंसा में शामिल थे और उन्होंने इन लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की बात कही। कैमरुन ने इसी प्रकार अमेरिकी पुलिस के एक पूर्व प्रमुख को अपना सलाहकार नियुक्त किया है। अमेरिका के पूर्व पुलिस प्रमुख का डेविड कैमरुन का सलाहकार नियुक्त किये जाने को ब्रिटेन के पुलिस अधिकारियों की नकारात्मक प्रक्रिया का सामना है और इससे ब्रितानी राजनेताओं एवं पुलिस अधिकारियों के मध्य पहले से अधिक तनाव उत्पन्न हो गये हैं। ब्रितानी पुलिस के एक दल ने एक विज्ञप्ति जारी करके डेविड कैमरुन के कार्य पर प्रश्न उठाते हुए कहा है कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री इस देश के पुलिस अधिकारियों से क्यों नहीं विचार -विमर्श करते और सलाह लेते? पुलिस की ओर से जारी विज्ञप्ति में आया है कि ब्रिटेन के पुलिस अधिकारी इस देश के क़ानून से पूर्णरुप से अवगत हैं इसलिए वे अमरिकी पुलिस प्रमुख के स्थान पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री को उत्तम सलाह दे सकते हैं। इसी प्रकार एक नवीनतम जनमत सर्वेक्षण के अनुसार ब्रिटेन के आम जनमत का विश्वास सत्ताधारी पार्टी से कम हो गया है और जनमत सर्वेक्षण का परिणाम इस बात का सूचक है कि डेविड कैमरुन ब्रिटेन के विभिन्न नगरों में फैली अशांति को नियंत्रित करने में योग्य व अच्छे नेतृत्व का प्रदर्शन नहीं कर सके हैं। ब्रिटेन के विभिन्न नगरों में ६ अगस्त से फैली अशांति में अब तक कई व्यक्ति हताहत व घायल हो चुके हैं। साथ ही अशांति की इन घटनाओं में कई पुलिस कर्मियों के भी घायल होने के समाचार हैं। ब्रिटेन की पुलिस अब तक विभिन्न नगरों से लगभग दो हज़ार लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। प्रतीत यह हो रहा है कि प्रधानमंत्री डेविड कैमरुन का कड़ा स्वर और विरोधियों की धमकी इससे कहीं अधिक संकट के गहरे होने की सूचक है जितना कि स्थिति दिखाई पड़ रही है और विभिन्न नगरों में जारी अशांति सत्ताधारी पार्टी के राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में कमज़ोरी का कारण बनेगी। समाचार समाप्त.......166